अगर आप भी वीकेंड पर भीड़भाड़ से दूर किसी शांत जगह पर जाना चाहते हैं, तो लबेद वॉटरफॉल आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। कोरबा जिले में मौजूद यह जगह हरियाली, पहाड़ और झरने की खूबसूरती के लिए जानी जाती है। यहां आपको शहर का शोर कम और प्रकृति की आवाज ज्यादा सुनाई देती है।
आप किसी शहर में रहते है और गाँव कि सुकून भरी जिंदगी को याद करते है तो यह लबेद झरना कि यात्रा आप के लिए बहुत खास होने वाला है जहा गाँव कि ताजी हवा चारों ओर हरे हरे पेड़ पौधे, पंछियों की अवाज से सुबह उठना, पहाड़, रंग बिरंगे फूल और प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद ले सकते है
दोस्तों या परिवार के साथ कुछ समय शांति से बिताने के लिए यह जगह अच्छी लग सकती है।
इस लेख में हम जानेंगे कि लबेद झरना कहां है, कोरबा से इसकी दूरी कितनी है, यहां कैसे पहुंचें, घूमने का सही समय क्या है और पिकनिक के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
लबेद झरना का प्राकृतिक सौंदर्य
लबेद झरना पहुंचने के बाद सबसे पहले जो चीज ध्यान खींचती है, वह है यहां का प्राकृतिक माहौल। शहर की तरह यहां न शोर सुनाई देता है और न ही आसपास की भागदौड़ दिखाई देती है। चारों तरफ हरियाली, पेड़-पौधे और पहाड़ दिखाई देते हैं। कुछ देर यहां बैठने के बाद ऐसा लगता है जैसे रोज की जिंदगी से थोड़ी देर के लिए दूर आ गए हों।
चारों तरफ हरियाली
लबेद झरने (Labed Waterfall) के आसपास बारिश के मौसम में हरियाली काफी बढ़ जाती है। पेड़ों की पत्तियां साफ और हरी दिखाई देती हैं और जमीन पर भी घास उग आती है। रास्ते में चलते हुए कई छोटे-बड़े पेड़ देखने को मिलते हैं। बारिश के बाद जब धूप निकलती है, तब यही हरियाली और भी सुंदर लगती है।
अगर आप प्रकृति को करीब से देखना पसंद करते हैं तो यहां कुछ समय पैदल घूमना अच्छा रहेगा। मोबाइल में फोटो लेने के बजाय कभी-कभी कुछ देर रुककर आसपास के माहौल को देखना भी अपने आप में एक अच्छा अनुभव है।
पहाड़ और जंगल का नजारा
लबेद झरने के आसपास पहाड़ी इलाका और जंगल का नजारा देखने को मिलता है। ऊंचाई की तरफ नजर डालने पर पेड़ों से ढके पहाड़ दिखाई देते हैं। बारिश के दिनों में पहाड़ों पर हरियाली की चादर सी बिछ जाती है।
झरने तक पहुंचने के दौरान रास्ते में भी प्राकृतिक नजारे देखने को मिलते हैं। यही वजह है कि यहां पहुंचने की यात्रा भी अपने आप में अच्छी लगती है। दोस्तों के साथ बाइक या कार से घूमने आने वालों के लिए रास्ते के ये नजारे सफर को और यादगार बना देते हैं।
बारिश के मौसम में झरने का रूप
लबेद झरने को देखने के लिए बारिश का मौसम खास माना जा सकता है। अच्छी बारिश होने के बाद झरने में पानी बढ़ जाता है और पानी ऊंचाई से नीचे की तरफ गिरता हुआ दिखाई देता है। पानी की आवाज आसपास के शांत माहौल में साफ सुनाई देती है।
बारिश के बाद यहां का वातावरण भी बदल जाता है। पेड़-पौधे हरे हो जाते हैं और पहाड़ों पर भी हरियाली दिखाई देती है। हालांकि तेज बारिश के समय झरने के पास जाने में सावधानी रखनी चाहिए, क्योंकि चट्टानें फिसलन भरी हो सकती हैं।
झरने के पानी की खूबसूरती
ऊंचाई से गिरता हुआ पानी देखने में काफी अच्छा लगता है। पानी जब नीचे चट्टानों से टकराता है तो आसपास हल्की फुहार महसूस होती है। धूप होने पर पानी की बूंदों में चमक दिखाई देती है, जिससे झरने का नजारा और सुंदर लगता है।
झरने के पास बैठकर कुछ देर पानी की आवाज सुनना भी काफी सुकून देता है। यही छोटी-छोटी बातें किसी जगह की यात्रा को यादगार बना देती हैं।
शांत वातावरण और प्रकृति का अनुभव
लबेद झरने की सबसे अच्छी बात यहां का शांत माहौल है। अगर आप कुछ समय प्रकृति के बीच बिताना चाहते हैं तो यहां बैठकर आसपास की हरियाली और पहाड़ों को देख सकते हैं। दोस्तों के साथ बातचीत करते हुए या परिवार के साथ बैठकर समय बिताना अच्छा लगता है।
लबेद झरना पिकनिक के लिए क्यों खास है?
लबेद झरना केवल झरना देखने की जगह नहीं है। यहां परिवार या दोस्तों के साथ कुछ घंटे पिकनिक के रूप में भी बिताए जा सकते हैं। अपने साथ घर से खाना और पानी लेकर आएं तो प्रकृति के बीच बैठकर खाना खाने का अलग ही मजा है।
परिवार और दोस्तों के साथ समय
दोस्तों के साथ यहां आने पर सफर से लेकर झरने तक का पूरा समय यादगार बन सकता है। परिवार के साथ आने पर भी कुछ समय बैठकर बातचीत कर सकते हैं और बच्चों को प्रकृति को करीब से देखने का मौका मिलता है।
प्रकृति के बीच पिकनिक
शांत वातावरण और हरियाली के बीच बैठकर खाना खाने का अनुभव शहर के किसी सामान्य पिकनिक स्पॉट से अलग लगता है। बस ध्यान रखें कि खाना खाने के बाद अपना कचरा वहीं न छोड़ें।
फोटोग्राफी के लिए अच्छी जगह
झरना, पहाड़, पेड़ और हरियाली फोटो लेने के लिए अच्छे बैकग्राउंड देते हैं। बारिश के मौसम में यहां की तस्वीरों में हरियाली और पानी दोनों साफ दिखाई देते हैं। दोस्तों और परिवार के साथ याद के लिए फोटो भी ले सकते हैं।
बच्चों के साथ घूमने का अनुभव
बच्चों को प्रकृति और झरने का नजारा दिखाने के लिए भी यह यात्रा अच्छी हो सकती है। लेकिन झरने के पास बच्चों को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए और फिसलन वाली चट्टानों से दूर रखना जरूरी है।
शहर की भीड़ से दूर सुकून
कुछ समय के लिए शहर की आवाज और रोज की व्यस्तता से दूर जाना हो तो लबेद झरना एक अच्छा अनुभव दे सकता है। यहां बैठकर पहाड़, पेड़ और झरने को देखते हुए समय बिताना ही अपने आप में एक छोटी-सी छुट्टी जैसा लगता है।
लबेद झरना कैसे पहुंचें?
लबेद झरना जाने के लिए अपनी बाइक या कार से जाना सुविधाजनक रहेगा। कोरबा से निकलने के बाद आपको स्थानीय रास्तों से लबेद और आसपास के क्षेत्र की तरफ जाना होगा।
लबेद झरना कोरबा जिले के चिकनीपाली और रेवाबहार क्षेत्र के पास स्थित है। कोरबा शहर से इसकी दूरी लगभग 30 से 35 किलोमीटर है।
स्थान: चिकनीपाली / रेवाबहार क्षेत्र, जिला कोरबा, छत्तीसगढ़
कोरबा से दूरी: लगभग 30–35 किलोमीटर
जांजगीर-चांपा दूरी: लगभग 55 से 57 किलोमीटर है।
रायगढ़ दूरी: लगभग 100 से 110 किलोमीटर है, जिसे तय करने में कार या बाइक से तकरीबन 2.5 से 3 घंटे का समय लगता है।
हालांकि, रास्ते और आपके शुरुआती स्थान के हिसाब से दूरी थोड़ी कम या ज्यादा हो सकती है। इसलिए निकलने से पहले मैप पर रास्ता जरूर देख लें।
नजदीकी रेलवे स्टेशन
कोरबा या जांजगीर-चांपा रेलवे स्टेशन से आगे आप स्थानीय वाहन, टैक्सी या निजी वाहन की मदद से इस क्षेत्र तक पहुंच सकते हैं।
कुछ हिस्सों में रास्ता सामान्य सड़क से अलग और थोड़ा पथरीला हो सकता है। बारिश के समय रास्ते की स्थिति बदल सकती है, इसलिए वाहन धीरे चलाना बेहतर रहेगा।
पहली बार जा रहे हैं तो स्थानीय लोगों से रास्ते की जानकारी लेना भी उपयोगी रहेगा। मोबाइल नेटवर्क हर जगह एक जैसा मिले, यह जरूरी नहीं है, इसलिए रास्ते की जानकारी पहले से सेव कर लेना अच्छा रहेगा।
लबेद झरना जाने का सबसे अच्छा समय
लबेद जलप्रपात घूमने का समय इस बात पर निर्भर करता है कि आप झरने का पानी देखना चाहते हैं या आराम से पिकनिक मनाना चाहते हैं।
मानसून – जुलाई से सितंबर
बारिश के मौसम में आसपास की हरियाली बढ़ जाती है और झरने में पानी भी अच्छा रहता है। पहाड़ और जंगल का नजारा इस समय काफी सुंदर दिखाई देता है।
- लेकिन बारिश में चट्टानें और रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं। इसलिए इस मौसम में ज्यादा सावधानी जरूरी है।
सर्दी – अक्टूबर से जनवरी
अगर आपका उद्देश्य दोस्तों या परिवार के साथ आराम से घूमना और पिकनिक मनाना है, तो सर्दियों का मौसम अच्छा रह सकता है। मौसम भी अपेक्षाकृत सुहावना रहता है।
लबेद झरना में क्या कर सकते हैं?
यह जगह मुख्य रूप से प्रकृति का आनंद लेने के लिए है। यहां पहुंचकर आप कुछ समय आसपास की हरियाली और झरने को देखते हुए बिता सकते हैं।
यहां आप :-
- झरने का आनंद ले सकते हैं
- परिवार या दोस्तों के साथ पिकनिक कर सकते हैं
- आसपास की प्रकृति की तस्वीरें ले सकते हैं
- पहाड़ी और जंगल के नजारे देख सकते हैं
- शांत वातावरण में कुछ समय बिता सकते हैं
अगर आप फोटोग्राफी पसंद करते हैं, तो बारिश के बाद का समय तस्वीरों के लिए अच्छा हो सकता है।
लबेद जलप्रपात के आसपास घूमने की जगहें
लबेद के आसपास भी कुछ प्राकृतिक और धार्मिक जगहों को अपनी यात्रा में शामिल किया जा सकता है। यात्रा की योजना बनाते समय दूरी और रास्ते की स्थिति पहले जांच लेना बेहतर रहेगा।
आसपास के प्राकृतिक स्थल
- लबेद डैम पिकनिक स्पॉट :– यह बांध जलप्रपात के बेहद करीब (1-2 किमी) स्थित है। यह शांत पानी और खूबसूरत नज़ारों के साथ वनभोज (पिकनिक) के लिए एक बेहतरीन शांत जगह है।
- चिकनपाली और आसपास की वादियां :– लबेद झरना चिकनपाली क्षेत्र में ही आता है। इसके आसपास 5 से 10 किमी के दायरे में घने जंगल, छोटे पहाड़ और ग्रामीण प्राकृतिक सुंदरता बिखरी हुई है जो ट्रेकिंग के लिए उत्तम है।
- खोला डैम :– लबेद जलप्रपात के नजदीकी क्षेत्र में स्थित यह एक और छोटा जलाशय/बांध है, जहाँ लोग प्रकृति के बीच समय बिताने आते हैं
नजदीकी मंदिर
- स्थानीय शिव मंदिर
- आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के मंदिर
- क्षेत्र के प्रसिद्ध देवी मंदिर
इन स्थानों की वास्तविक दूरी और रास्ता जाने से पहले स्थानीय जानकारी या मैप से जरूर जांच लें।
लबेद झरना जाते समय इन बातों का रखें ध्यान
लबेद एक प्राकृतिक जगह है, इसलिए यहां शहर जैसी सुविधाएं हर जगह उपलब्ध हों, यह जरूरी नहीं है।
खाने-पीने का सामान साथ रखें पानी और जरूरी खाने का सामान घर से लेकर जाना बेहतर रहेगा।
बारिश में सावधानी रखें पत्थर गीले होने पर फिसल सकते हैं। झरने के पास चलते समय विशेष सावधानी रखें।
गहरे पानी में न जाएं पानी की गहराई का अंदाजा हमेशा ऊपर से नहीं लगाया जा सकता। अनजान जगह पर तैरने से बचें।
शाम होने से पहले लौटें अगर आप पहली बार जा रहे हैं, तो दिन में ही घूमकर वापस लौटना बेहतर रहेगा।
कचरा न फैलाएं :- प्लास्टिक और खाने का कचरा अपने साथ वापस लेकर आएं। प्राकृतिक जगह को साफ रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
एक दिन में लबेद झरना घूमने का योजना
अगर आप एक दिन के लिए लबेद जलप्रपात जा रहे हैं, तो सुबह जल्दी निकलना सही रहेगा। रास्ते में जरूरत का सामान और पानी साथ रखें। झरने के आसपास कुछ समय प्रकृति का आनंद लें और परिवार या दोस्तों के साथ पिकनिक करें।
दोपहर का खाना साथ ले जाना सुविधाजनक रहेगा। अगर आसपास की दूसरी जगहें घूमने का प्लान है, तो पहले से उनका रास्ता देख लें।
शाम होने से पहले वापसी की शुरुआत करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. लाबेद झरना कोरबा से कितने दुरी में स्थित है
कोरबा शहर से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है
2. लबेद झरना कहां स्थित है
चिकनीपाली, कोरबा में छिपा एक शांत, कम प्रसिद्ध प्राकृतिक स्थल है
3. लबेद के आस-पास और कौन-कौन सी जगहों पर घूम सकते हैं?
लबेद जलप्रपात और लबेद डैम छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बेहद खूबसूरत और शांत प्राकृतिक स्थलों में से एक हैं। लबेद जलप्रपात प्राकृतिक सुंदरता, पानी के स्त्रोत स्थित हैं, जो मानसून और बारिश के दिनों में घूमने के लिए बेहतरीन माने जाते हैं।
4. लबेद वॉटरफॉल जाने का सबसे सही समय कौन है?
लबेद वॉटरफॉल (जलप्रपात) जाने का सबसे सही और सबसे खूबसूरत समय मानसून के दौरान और उसके ठीक बाद (जुलाई से अक्टूबर) का होता है इस दौरान यहाँ का झरना पूरे शबाब पर होता है और आस-पास का नज़ारा किसी जन्नत जैसा दिखाई देता है
निष्कर्ष
लबेद झरना कोरबा के उन लोगों के लिए एक अच्छी जगह हो सकती है, जिन्हें प्रकृति के बीच शांत समय बिताना पसंद है। यहां पहाड़, हरियाली और झरने का सुंदर नजारा देखने को मिलता है।
अगर आप कोरबा के आसपास किसी शांत प्राकृतिक जगह की तलाश कर रहे हैं, तो लबेद वॉटरफॉल को अपनी यात्रा की सूची में शामिल कर सकते हैं। बस यहां जाते समय मौसम, रास्ते और सुरक्षा का ध्यान जरूर रखें।
प्राकृतिक और शांत वातावरण लबेद झरना शहरी कोलाहल से दूर चिकनीपाली घने जंगलों के बीच स्थित है। यदि आप शांति और शुद्ध प्राकृतिक सौंदर्य की तलाश में हैं, तो यह कोरबा जिले के सबसे बेहतरीन और अनछुए स्थलों में से एक है।
एडवेंचर और ट्रैकिंग का अनूठा अनुभव यहाँ तक पहुँचने के लिए की जाने वाली ऑफ-रोडिंग और जंगलों के बीच से पैदल ट्रैकिंग, एडवेंचर के शौकीनों को एक रोमांचक अनुभव प्रदान करती है।
परफेक्ट वीकेंड पिकनिक स्पॉट स्थानीय लोगों और युवाओं के लिए यह सप्ताहांत) बिताने और वनभोज का आनंद लेने के लिए एक आदर्श स्थान बनता जा रहा है।