Kanan Pendari Zoological Garden Bilaspur Timings, Photography

अगर आप बिलासपुर में परिवार और बच्चों के साथ घूमने के लिए किसी ऐसी जगह की तलाश कर रहे हैं, जहां वन्यजीवों के साथ हरियाली और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लिया जा सके, तो कानन पेंडारी उद्यान आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। यह बिलासपुर के सकरी क्षेत्र के पास स्थित प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है।

यहां आपको विभिन्न प्रकार के वन्यजीव और पक्षी देखने को मिलते हैं। इसके अलावा हरियाली, बच्चों के लिए मनोरंजन की सुविधाएं और पर्यटकों के लिए कई जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

कानन पेंडारी उद्यान के खुलने और बंद होने का समय, टिकट की कीमत, फोटोग्राफी, यहां पाए जाने वाले वन्यजीव, घूमने का सही समय, पहुंचने का रास्ता और जरूरी जानकारी विस्तार से मिलेगी।

कानन पेंडारी प्राणी उद्यान कहां स्थित है

कानन पेंडारी प्राणी उद्यान छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सकरी क्षेत्र के पास स्थित है। यह बिलासपुर शहर से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। शहर से नजदीक होने के कारण यहां बिलासपुर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी लोग परिवार और बच्चों के साथ घूमने आते हैं।

यह जगह शहर की भीड़भाड़ से थोड़ी दूर प्राकृतिक वातावरण में कुछ समय बिताने के लिए अच्छी मानी जाती है।

कानन पेंडारी जूलॉजिकल गार्डन – स्थापना और इतिहास

Kanan Pendari Zoological Garden बिलासपुर के सकरी क्षेत्र में स्थित है और शहर से लगभग 9–12 किमी दूरी में है। यह बिलासपुर-मुंगेली मार्ग के पास स्थित प्रमुख पर्यटन स्थल है।

कानन पेंडारी की स्थापना कब हुई

कानन पेंडारी का इतिहास सीधे एक चिड़ियाघर के रूप में शुरू नहीं हुआ था।

1975 में यहां वन विभाग की नर्सरी हुआ करती थी।

बाद में इसे वन्यजीव बचाव केंद्र (Wild Animal Rescue Centre) में बदला गया।

यहां हिरण, भालू, सियार आदि बचाए गए वन्यजीवों को रखा जाने लगा।

इसके बाद यहां चीतल के प्रजनन केंद्र के रूप में भी विकास किया गया।

1997 में इसे रेस्क्यू सेंटर की सुविधा वाले छोटे चिड़ियाघर के रूप में विकसित किया गया।

2002 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) ने इसे मिनी जू के रूप में मान्यता दी।

बाद में 2008 में CZA ने इसे Small Zoo के रूप में मान्यता दी।

कानन पेंडारी क्षेत्रफल

CZA के दस्तावेज के अनुसार इसका क्षेत्रफल लगभग 114.636 हेक्टेयर है। इसका मुख्य उद्देश्य केवल पर्यटकों का मनोरंजन नहीं बल्कि वन्यजीव संरक्षण, प्रकृति शिक्षा और लोगों में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।

कानन पेंडारी में कौन-कौन से वन्यजीव देख सकते हैं

कानन पेंडारी प्राणी उद्यान में कई प्रकार के वन्यजीव और पक्षियों को देखने का अवसर मिलता है।

यहां बाघ, सिंह, तेंदुआ, हिरण, मोर और कई प्रकार के पक्षियों को देखा जा सकता है।

वन्यजीवों को देखने का अनुभव मौसम, समय और उनके बाड़े की स्थिति पर निर्भर कर सकता है। इसलिए किसी खास जानवर को देखने की गारंटी मानकर यहां नहीं जाना चाहिए।

बच्चों के लिए अलग-अलग वन्यजीवों को नजदीक से देखना एक अच्छा अनुभव हो सकता है। इससे उन्हें वन्यजीवों और प्रकृति के संरक्षण के बारे में भी जानकारी मिलती है।

बाघों की संख्या क्षमता :– कानन पेंडारी में बाघों और शेरों के सफल प्रजनन के कारण इनकी संख्या अक्सर बदलती रहती है। यहाँ के बाड़ों में 6 बाघ और 6 शेर रखने की मानक क्षमता है। जब भी यहाँ बाघों की संख्या क्षमता से अधिक (सरप्लस) होती है, तो उन्हें केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) के नियमों के तहत देश के अन्य चिड़ियाघरों में भेज दिया जाता है।

सफेद शेरों – आकाश की मौत के बाद अब कानन पेंडारी चिड़ियाघर में सफेद शेरों की संख्या तीन रह गई है. हाल ही में ग्वालियर चिड़ियाघर से एक नया सफेद शेर लाया गया था, जिससे इनकी संख्या चार हुई थी, लेकिन अब आकाश की मौत से संख्या फिर घट गई है.

कानन पेंडारी चिड़ियाघर में 70 से अधिक प्रजाति के जीव

कानन पेंडारी चिड़ियाघर लगभग 114.636 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां 70 से अधिक प्रजातियों के वन्यजीवों को देखा जा सकता है. इनमें सफेद बाघ, रॉयल बंगाल टाइगर, शेर, तेंदुआ, दरियाई घोड़ा, गैंडा, भालू, हिरण, इमू, शाही, विभिन्न पक्षी, मछलियां और सर्प शामिल हैं.

कानन पेंडारी क्यों जाएं

अगर आप बिलासपुर में रहते हैं या बिलासपुर घूमने आए हैं और कुछ घंटे प्रकृति तथा वन्यजीवों के बीच बिताना चाहते हैं, तो कानन पेंडारी को अपनी घूमने की सूची में शामिल कर सकते हैं।

See also  Abujhmarh, Chhattisgarh: Exploring India’s Last Great Mystery

यह जगह विशेष रूप से परिवार, बच्चों, प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफी पसंद करने वाले लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है। यहां वन्यजीव देखने के साथ प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने का अवसर मिलता है।

Kanan Pendari Zoo Bilaspur

कानन पेंडारी के आसपास में घूमने की जगह

अगर आप कानन पेंडारी जूलॉजिकल गार्डन घूमने के साथ आसपास की जगहें भी देखना चाहते हैं, बिलासपुर के मुंगेली रोड पर स्थित कानन पेंडारी जूलॉजिकल गार्डन के ठीक सामने और उसके बेहद नजदीक मनोरंजन के बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। इसके ठीक सामने वंडर वर्ल्ड थीम पार्क है, जहाँ विभिन्न प्रकार के रोमांचक झूले और राइड्स हैं,

जो बच्चों और परिवारों के लिए वीकेंड बिताने के लिए एक आदर्श स्थान है। इसके अलावा, मुंगेली रोड पर ही थोड़ी दूरी पर सिटी मॉल 36 स्थित है, जहाँ आप बेहतरीन ब्रांड्स की शॉपिंग, गेमिंग ज़ोन और कई तरह के फूड कोर्ट व रेस्टोरेंट का आनंद ले सकते हैं, जिससे चिड़ियाघर घूमने के बाद की शाम को मजेदार बनाया जा सकता है।

1. स्मृति वाटिका

कानन पेंडारी के आसपास घूमने के लिए यह एक अच्छा हरा-भरा स्थान है। परिवार के साथ कुछ समय आराम करने और प्रकृति का आनंद लेने के लिए इसे यात्रा में जोड़ा जा सकता है।

2. मल्हार

मल्हार बिलासपुर जिले का महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है। यहां प्राचीन मंदिरों और पुरातात्विक अवशेषों को देखा जा सकता है। मल्हार बिलासपुर से लगभग 14 किमी दूर है।

3. रतनपुर

रतनपुर बिलासपुर जिले के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक-ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। यहां मां महामाया देवी मंदिर प्रमुख आकर्षण है। रतनपुर बिलासपुर से लगभग 25 किमी दूर है।

4. ताला

ताला अपने प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक मूर्तिकला के लिए जाना जाता है। अगर आपको इतिहास और पुरातत्व में रुचि है तो कानन पेंडारी के साथ ताला को भी यात्रा में शामिल किया जा सकता है।

5. खूंटाघाट बांध

प्रकृति और शांत वातावरण पसंद करने वालों के लिए खूंटाघाट बांध अच्छा विकल्प है। इसे बिलासपुर क्षेत्र के प्रमुख प्राकृतिक आकर्षणों में शामिल करता है।

खूंटाघाट बांध (जिसे खारंग जलाशय भी कहते हैं) छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रतनपुर के पास खारंग नदी पर बना एक सुंदर बांध है। इसे अंग्रेजों ने 1920 के दशक में बनवाया था। यह जगह अपनी हरियाली, पिकनिक मनाने और बोटिंग के लिए बहुत प्रसिद्ध है।

6. महामाया देवी मंदिर, रतनपुर

धार्मिक यात्रा करना चाहते हैं तो कानन पेंडारी के बाद रतनपुर स्थित मां महामाया देवी मंदिर जाना अच्छा विकल्प रहेगा। यह बिलासपुर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है।

7. मदकू द्वीप

शिवनाथ नदी के पास स्थित यह ऐतिहासिक और धार्मिक द्वीप प्राचीन शिव मंदिरों व शांतिपूर्ण वातावरण के लिए प्रसिद्ध है।

8. बबल द्वीप और ऊर्जा पार्क

बिलासपुर शहर के भीतर स्थित पार्क और मनोरंजन स्थल हैं, जो परिवार के साथ घूमने के लिए अच्छे हैं।

क्या कानन पेंडारी में फोटोग्राफी कर सकते हैं?

अगर आपको तस्वीरें खींचने का शौक है तो कानन पेंडारी प्राणी उद्यान आपके लिए अच्छी जगह हो सकती है। यहां आप मोबाइल या कैमरे से वन्यजीवों, पक्षियों, हरियाली और आसपास के प्राकृतिक वातावरण की तस्वीरें ले सकते हैं।

लेकिन तस्वीरें लेते समय उद्यान के नियमों और वन्यजीवों की सुरक्षा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

फोटोग्राफी करते समय इन बातों का ध्यान रखें

  • जानवरों को परेशान करके तस्वीर न लें।
  • बाड़े के अंदर जाने की कोशिश न करें।
  • जानवरों को खाने की चीजें न खिलाएं।
  • बिना आवश्यकता तेज रोशनी का इस्तेमाल न करें।
  • निर्धारित सीमा से आगे न जाएं।
  • प्रतिबंधित स्थान पर तस्वीरें न लें।
  • बच्चों को वन्यजीवों के बाड़े के पास अकेला न छोड़ें।
  • व्यावसायिक या विशेष फोटोग्राफी के लिए पहले अनुमति की जानकारी लें।
  • सामान्य रूप से मोबाइल से परिवार की तस्वीरें और प्राकृतिक दृश्यों की तस्वीरें लेना संभव हो सकता है, लेकिन प्रवेश के समय वर्तमान फोटोग्राफी नियमों की जानकारी लेना सबसे सुरक्षित रहेगा।

मोबाइल से अच्छी तस्वीरें कैसे लें?

कानन पेंडारी में अच्छी तस्वीरें लेने के लिए महंगा कैमरा होना जरूरी नहीं है। आज के मोबाइल फोन से भी अच्छी तस्वीरें ली जा सकती हैं।

सुबह के समय प्राकृतिक रोशनी अच्छी होने के कारण तस्वीरों की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।

मोबाइल से तस्वीरें लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखें।

बहुत ज्यादा नजदीक जाने की कोशिश न करें

वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। तस्वीर लेने के लिए कभी भी बाड़े के पास जाकर जोखिम न लें।

See also  Kanki Shiv Mandir Korba: History,Timings & Travel Guide

बहुत ज्यादा पास से तस्वीर लेने के लिए बार-बार नजदीक न जाएं

अगर जानवर दूर है तो मोबाइल का थोड़ा दूर से उपयोग करें। अत्यधिक बढ़ाई करने पर तस्वीर धुंधली हो सकती है।

रोशनी का ध्यान रखें

सुबह और शाम की प्राकृतिक रोशनी तस्वीरों को सुंदर बना सकती है। तेज धूप में तस्वीर लेते समय मोबाइल को सही दिशा में रखें।

धैर्य रखें

वन्यजीवों की अच्छी तस्वीर लेने के लिए कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है। जानवर जब स्वाभाविक स्थिति में हो, तब तस्वीर लेने का प्रयास करें।

कानन पेंडारी उद्यान का खुलने का समय

यहां जाने से पहले इसके खुलने और बंद होने का समय जानना बहुत जरूरी है।

वर्तमान उपलब्ध पर्यटन जानकारी के अनुसार

खुलने का समय :– सुबह 9:00 बजे
बंद होने का समय :– शाम 5:00 बजे
साप्ताहिक अवकाश :- सोमवार

अगर आप यहां घूमने के साथ वन्यजीवों की तस्वीरें भी लेना चाहते हैं, तो सुबह के समय पहुंचना ज्यादा अच्छा रहेगा। सुबह मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहता है और तस्वीरें लेने के लिए प्राकृतिक रोशनी भी अच्छी मिल सकती है।

कानन पेंडारी उद्यान की टिकट कीमत

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित Kanan Pendari Zoo Park की सामान्य प्रवेश टिकट की कीमत वयस्कों के लिए ₹20 और बच्चों के लिए ₹10 प्रति व्यक्ति है। अंदर बने मछलीघर (एक्वेरियम) के लिए ₹10 का अतिरिक्त टिकट लगता है। कानन पेंडारी प्राणी उद्यान की प्रवेश टिकट की कीमत समय के साथ बदल सकती है।

श्रेणी (Category)टिकट की कीमत Ticket Price
वयस्क (Adult)₹20 प्रति व्यक्ति
बच्चा (Child)₹10 प्रति व्यक्ति
मछलीघर / एक्वेरियम (Aquarium)₹10 प्रति व्यक्ति

बिलासपुर (छत्तीसगढ़) स्थित कानन पेंडारी उद्यान में विदेशी नागरिकों (Foreign Nationals) के लिए प्रवेश टिकट की कीमत आमतौर पर वयस्कों के लिए

श्रेणी (Category)टिकट की कीमत (प्रति व्यक्ति)
विदेशी वयस्क (Foreign Adult)₹100
विदेशी बच्चा (Foreign Child)₹35

यात्रा के दिन टिकट खिड़की पर वर्तमान प्रवेश शुल्क की जानकारी लेना सबसे अच्छा रहेगा।

जरूरी बातें

  • कानन पेंडारी उद्यान सोमवार के दिन बंद रहता है।
  • घूमने का समय सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक है

कानन पेंडारी घूमने में कितना समय लगता है?

कानन पेंडारी प्राणी उद्यान घूमने के लिए कम से कम दो से तीन घंटे का समय रखना अच्छा रहेगा।

अगर आप परिवार के साथ जा रहे हैं, बच्चों के साथ आराम से घूमना चाहते हैं या तस्वीरें लेना चाहते हैं तो इससे अधिक समय भी लग सकता है।

यहां पर्यटकों के लिए बैटरी से चलने वाले वाहन, बच्चों के लिए उद्यान, जानकारी केंद्र, भोजनालय, विश्राम स्थल, पीने का पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं का उल्लेख में मिलता है।

इसलिए आप अपनी सुविधा के अनुसार घूमने का समय तय कर सकते हैं।

कानन पेंडारी घूमने का सबसे अच्छा समय

कानन पेंडारी घूमने के लिए सर्दियों का मौसम काफी आरामदायक हो सकता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और परिवार के साथ घूमने में परेशानी कम होती है।

गर्मियों में दोपहर के समय तापमान अधिक हो सकता है। ऐसे समय में सुबह जल्दी जाना बेहतर रहेगा।

अगर आपका मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों की तस्वीरें लेना है तो सुबह का समय प्राथमिकता देना अच्छा रहेगा।

बारिश के मौसम में हरियाली सुंदर दिखाई दे सकती है, लेकिन यात्रा से पहले मौसम की स्थिति जरूर देख लें।

कानन पेंडारी में पर्यटकों के लिए सुविधाएं

कानन पेंडारी प्राणी उद्यान में पर्यटकों की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाओं में किया गया है।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं

  • बैटरी से चलने वाले वाहन
  • बच्चों के लिए उद्यान
  • जानकारी केंद्र
  • भोजनालय
  • विश्राम स्थल
  • पीने का पानी
  • शौचालय

कानन पेंडारी कैसे पहुंचें?

कानन पेंडारी प्राणी उद्यान बिलासपुर के सकरी क्षेत्र के पास स्थित है।

बिलासपुर शहर से यहां सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है।

सड़क मार्ग से

बिलासपुर शहर से निजी वाहन, टैक्सी या उपलब्ध स्थानीय परिवहन के माध्यम से कानन पेंडारी पहुंच सकते हैं। अगर आप पहली बार जा रहे हैं तो मोबाइल में मानचित्र की सहायता लेकर वर्तमान मार्ग देखना आसान रहेगा।

रेल मार्ग से

दूसरे शहरों से ट्रेन द्वारा बिलासपुर आने वाले पर्यटक बिलासपुर रेलवे स्टेशन से सड़क मार्ग द्वारा कानन पेंडारी जा सकते हैं।रेलवे स्टेशन से इसकी दूरी लगभग 12 किलोमीटर बताई गई है।

हवाई मार्ग से

बाहर से हवाई यात्रा करके आने वाले पर्यटक रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद सड़क मार्ग से बिलासपुर आकर कानन पेंडारी जा सकते हैं।

See also  Achanakmar Wildlife Sanctuary Safari Booking Price 2026: Ticket Price, Timing & Online Booking Guide"

रायपुर से दूरी: लगभग 163 किमी

कानन पेंडारी जाते समय इन बातों का रखें ध्यान

कानन पेंडारी घूमने जाते समय कुछ सामान्य नियमों का पालन जरूर करें।

  • वन्यजीवों को खाना न खिलाएं।
  • जानवरों को परेशान न करें।
  • बाड़े के पास शोर न करें।
  • जानवरों पर कोई वस्तु न फेंकें।
  • कूड़ा इधर-उधर न फैलाएं।
  • बच्चों पर नजर रखें।
  • निर्धारित रास्ते से ही चलें।
  • प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न करें।
  • वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
  • गर्मी में पानी साथ रखें।
  • जाने से पहले खुलने का समय और प्रवेश शुल्क की पुष्टि कर लें।

इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने से आपकी यात्रा सुरक्षित और आनंददायक रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. कानन पेंडारी प्राणी उद्यान कब खुलता है?

वर्तमान उपलब्ध पर्यटन जानकारी के अनुसार यह सुबह 9 बजे खुलता है और शाम 5 बजे बंद होता है। सोमवार को साप्ताहिक अवकाश बताया गया है। यात्रा से पहले वर्तमान समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

2. क्या कानन पेंडारी में फोटोग्राफी कर सकते हैं?

मोबाइल और कैमरे से सामान्य तस्वीरें लेने के लिए उद्यान के नियमों का पालन करना जरूरी है। विशेष या व्यावसायिक फोटोग्राफी के लिए अनुमति की आवश्यकता हो सकती है।

3. कानन पेंडारी में कौन-कौन से जानवर हैं?

यहां बाघ, सिंह, तेंदुआ, हिरण, मोर और विभिन्न प्रकार के पक्षियों को देखने का अवसर मिलता है।

4. कानन पेंडारी की टिकट कितनी है?

टिकट की कीमत समय के साथ बदल सकती है। इसलिए वर्तमान प्रवेश शुल्क टिकट खिड़की पर पता करना बेहतर है।

5. कानन पेंडारी सोमवार को खुला रहता है?

वर्तमान उपलब्ध पर्यटन जानकारी में सोमवार को साप्ताहिक अवकाश है।

6. कानन पेंडारी बिलासपुर से कितनी दूर है?

बिलासपुर जिला प्रशासन के अनुसार कानन पेंडारी सकरी के पास बिलासपुर शहर से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

7. कानन पेंडारी घूमने में कितना समय चाहिए?

सामान्य रूप से दो से तीन घंटे का समय रखना अच्छा रहेगा। परिवार और बच्चों के साथ ज्यादा समय भी लग सकता है।

निष्कर्ष

कानन पेंडारी प्राणी उद्यान बिलासपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है, जहां परिवार और बच्चों के साथ वन्यजीवों तथा प्राकृतिक वातावरण का आनंद लिया जा सकता है। यहां बाघ, सिंह, तेंदुआ, हिरण, मोर और कई प्रकार के पक्षियों को देखने का अवसर मिलता है।

अगर आप यहां पहली बार जा रहे हैं तो सुबह के समय पहुंचना बेहतर रहेगा। मोबाइल या कैमरा साथ लेकर जाएं और तस्वीरें लेते समय वन्यजीवों की सुरक्षा तथा उद्यान के नियमों का पूरा ध्यान रखें।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खुलने का समय, टिकट की कीमत और फोटोग्राफी से जुड़े नियम समय के साथ बदल सकते हैं, इसलिए यात्रा से पहले इनकी वर्तमान जानकारी जरूर कर लें।

बिलासपुर की यात्रा के दौरान अगर आप प्रकृति और वन्यजीवों के बीच कुछ घंटे बिताना चाहते हैं, तो कानन पेंडारी प्राणी उद्यान आपकी घूमने की सूची में शामिल करने लायक जगह है।

अनुभव

कानन पेंडारी जूलॉजिकल गार्डन घूमने का मेरा अनुभव

कानन पेंडारी जूलॉजिकल गार्डन से मेरी एक पुरानी याद जुड़ी हुई है। जब मैं स्कूल में पढ़ाई करता था, तब स्कूल के दोस्तों और शिक्षकों के साथ घूमने के लिए यहां आने का मौका मिला था। उस समय हमारे घूमने के कार्यक्रम में रतनपुर का मां महामाया मंदिर, खूंटाघाट बांध और कानन पेंडारी जूलॉजिकल गार्डन शामिल थे।

स्कूल के दोस्तों और शिक्षकों के साथ यह यात्रा मेरे लिए काफी यादगार रही। सबसे पहले हमने रतनपुर में मां महामाया मंदिर के दर्शन किए। इसके बाद खूंटाघाट बांध की तरफ गए, जहां प्राकृतिक वातावरण और आसपास का शांत माहौल देखने को मिला।
इसके बाद हम कानन पेंडारी जूलॉजिकल गार्डन पहुंचे।

दोस्तों के साथ चिड़ियाघर घूमने का अनुभव अपने आप में काफी मजेदार था।

अलग-अलग वन्यजीवों और पक्षियों को देखना और उनके बारे में शिक्षकों से जानकारी लेना हमारे लिए मनोरंजन के साथ सीखने का भी एक अच्छा अनुभव था।

उस समय दोस्तों के साथ घूमने, बातें करने और पूरे दिन साथ रहने की वजह से यह यात्रा आज भी मेरी यादों में है। स्कूल की ऐसी यात्राएं केवल घूमने तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि दोस्तों और शिक्षकों के साथ बिताए गए पल लंबे समय तक याद रहते हैं।

आज जब मैं कानन पेंडारी के बारे में लिख रहा हूं, तो उस स्कूल यात्रा की यादें फिर से ताजा हो जाती हैं। अगर आप परिवार या बच्चों के साथ बिलासपुर घूमने की योजना बना रहे हैं, तो कानन पेंडारी को अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं।